बच्चे का अंगूठा चूसना कैसे छुडवायें – Thumb Sucking of Kids

बच्चे के अंगूठा चूसना – Thumb Sucking of Kids   अंगूठा चूसना , अंगुली मुंह में डालना आदि नन्हे शिशु की सामान्य गतिविधि का हिस्सा होते है। छोटे बच्चे अक्सर अपनी अंगूली या अंगूठा मुंह में रख कर चूसने लगते हैं। जब छोटे बच्चे को किसी (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

स्तनपान के फायदे – Breast Feeding Benefits

स्तनपान – breast Feeding   स्तनपान प्रकृति का सर्वोत्तम उपहार है। जहाँ शिशु को पहले आहार के रूप में सर्वश्रेष्ठ भोजन प्राप्त होता है , वही माँ और बच्चे में भावनात्मक रिश्ता भी बनता है। इससे दोनों को ही अमूल्य संतुष्टि (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

स्तनपान छुड़ाने के आसान उपाय – How to stop breastfeeding

स्तनपान   स्तनपान शिशु के लिए छह महीने तक अति आवश्यक होता है। इसी से शिशु को सभी जरुरी पोषक तत्व मिलते है तथा बीमारियों से लड़ने की क्षमता पैदा होती है। छह महीने के बाद शिशु को स्तन के दूध के अलावा (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

बच्चों के दांत निकलते समय परेशानी के घरेलु उपाय – Baby Teeth Eruption

बच्चों के दांत निकलना – Baby Teeth Eruption   बच्चों के दांत सामान्य तौर पर  5 -6 महीने की उम्र में निकलने शुरू हो जाते है। दांत निकलते समय बच्चों के मसूड़ों में खुजली होने लगती है जिसके कारण उन्हें परेशानी होती (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गर्भावस्था में खाना क्या खायें क्या नहीं – Pregnancy and Food

गर्भावस्था में खाना – Food in Pregnancy   गर्भावस्था में खाना हमेशा संशय का कारण बनता है। खाने पीने की वस्तुओं को लेकर मन में उलझन होती है कि कौनसी वस्तु खानी चाहिए और कौनसी नहीं। एकल परिवार का चलन अधिक (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

प्रेग्नेंट होने , गर्भधारण करने के लिए क्या करना चाहिए – How to get pregnant

प्रेग्नेंट Pregnant होने या गर्भधारण के लिए जरुरी है कि पुरुष के शुक्राणु  महिला के अंडे को निषेचित करे। जब पुरुष महिला के साथ सहवास Intercourse  करता है तो पुरुष के लिंग से निकले वीर्य के साथ करोड़ों की संख्या में शुक्राणु  Sperm  महिला की (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गर्भ निरोधक उपाय और फायदे नुकसान – Contraceptive And Birth Control

गर्भ निरोधक  Contraceptive का अर्थ है ऐसे उपाय जिन्हें अपनाने से यौन सम्बन्ध बनाने के बाद गर्भधारण  Pregnancy  नहीं होता। ये कंट्रासेप्टिव कहलाते  है। सम्भोग करने पर पुरुष के वीर्य में मौजूद शुक्राणु महिला के गर्भाशय में प्रवेश कर जाते है। ओवरी से अंडे (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गर्भावस्था में उल्टी और जी घबराना – Morning Sickness in Pregnancy

  गर्भावस्था में उल्टी और जी घबराना – Morning Sickness   गर्भावस्था में उल्टी और जी घबराना बहुत आम समस्या है। गर्भावस्था की शुरुआत के महीनो में  लगभग 90 % महिलाओं को उल्टी और जी घबराने की परेशानी होती है। ज्यादातर यह (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

स्तन में दूध बढ़ाने के उपाय – How to Increase Breast Mik

स्तन में दूध – Breast Milk Maa ka doodh   स्तन में दूध होना बच्चे के जन्म के बाद सबसे अधिक आवश्यक होता है। जन्म लेने के बाद सबसे पहले उसे माँ के दूध की जरुरत होती है । इसी से उसकी दुनिया से (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

हरीरा बनाने की विधि प्रसूता के लिए – Harira For New Mother

 हरीरा – Harira   हरीरा हमारी प्राचीन परंपरा का एक हिस्सा है। बच्चे के जन्म के बाद नवजात शिशु की माता ( प्रसूता ) को दस दिन तक Harira  खाने को दिया जाता है। इससे डिलीवरी के बाद प्रसूता के शरीर (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

श्वेत प्रदर कारण बचाव व आसान घरेलु नुस्खे – Leucorrhoea Easy Home Remedies

श्वेत प्रदर  leucorrhoea  में महिला के योनि मार्ग से सफेद , मटमैला या पीलापन लिए हुए चिपचिपा पानी जैसा रिसता रहता है। यह स्राव बिना बदबू वाला भी हो सकता है और बदबू वाला भी। आम भाषा में इसे पानी आना या औरतों (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शिशु की मालिश खुद करना क्यों जरुरी – Why You Should Massage Your Baby

शिशु की मालिश Baby Massage करते हमने अक्सर दादी या नानी को  देखा है। उन्हें बड़े आत्म विश्वास और प्यार से शिशु मालिश करते देखना बड़ा अच्छा लगता है। शिशु भी मालिश बड़े मजे से करवाता है। ये सब अनुभव से ही सम्भव (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

बच्चों के लिए घरेलु नुस्खे व उपाय – Home remedies for kids

बच्चों के लिए घरेलु नुस्खे Home remedies for kids  पता होने से छोटी छोटी परेशानियों का घर पर ही इलाज हो सकता है। जब तक बच्चे हँसते खेलते रहते है ,सभी को बहुत प्यारे लगते है। जब वे रोना शुरू करते (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें- Care Of New Born

नवजात शिशु की देखभाल Care Of New Born शिशु के जन्म के साथ ही शुरू हो जाती है। नए जन्मे बच्चे को बड़ी नाजुकता के साथ संभालना पड़ता है। बच्चे के जन्म के बाद बच्चे को माँ का दूध सही तरीके से और पर्याप्त मात्रा (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )