साबूदाना खिचड़ी खिली खिली बनाने की विधि – Sabudana Khichdi Vidhi

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साबूदाना खिचड़ी Sabudane ki khichdi व्रत के समय पसंद किये जाने वाले फलाहार में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। साबूदाना कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है इसलिए इसे खाने से व्रत के समय कमजोरी महसूस नहीं होती।

साबूदाना खिचड़ी में मूंगफली दाना होने से पेट भी भर जाता है। साबूदाना पचने में भी हल्का होता है। आइये जाने कैसे बनाते है व्रत के लिए साबूदाने की खिचड़ी –

साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए सामग्री

Sabudana khichdi samagri

कृपया ध्यान दे : किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लीक करके उसके बारे में विस्तार से जान सकते हैं। 

साबूदाना                               1  कप

मूंगफली दाना                       2  चम्मच

आलू                        1  मध्यम आकार

हरी मिर्च                              2  पीस

जीरा                            1 /2  चम्मच

घी                                   3  चम्मच

नींबू का रस                        1  चम्मच

अनार के दाने                      2  चम्मच

कालीमिर्च                       1/2  चम्मच

हरा धनिया                    सजाने के लिए

सेंधा नमक                 स्वाद के अनुसार

साबूदाना खिचड़ी बनाने की विधि

Sabudana Khichdi recipe

—  साबूदाना धोकर 4 -5  घंटे के लिए आधा कप पानी में भिगो दें।

—  मूंगफली दाना एक कप पानी में अलग भिगो दें।

—  आलू के छिलके निकाल लें और धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें।

—  हरी मिर्च को धोकर बारीक़ काट लें।

—  एक नॉन स्टिक बर्तन में घी गर्म करें।

—  घी गर्म होने के बाद इसमें जीरा , हरी मिर्च डालें।

—  जीरा तड़कने के बाद आलू डाल दें और पकने दें। एक दो बार हिला दें।

—  दो मिनट बाद भीगी हुई मूंगफली डाल दें।

—  साबूदाना में बाहर ही काली मिर्च और सेंधा नमक डाल कर मिला लें।

—  नमक मिर्च मिला हुआ साबूदाना कढ़ाई में डालकर ढ़क्कन लगा दें।

—  धीमी आंच पर पाँच मिनट पका लें। बीच में एक दो बार हिला लें।

—  गैस बंद कर दें और नींबू का रस डाल कर मिला लें ।

—  हरे धनिये और अनार के दानों से सजा कर गर्मागर्म सर्व करें।

साबूदाना खिचड़ी टिप्स – Tips

—  साबूदाना धोकर भिगोएं ताकि चिपके नहीं , इस प्रकार खिचड़ी खिली खिली बनेगी।

—  साबू दाना में सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाने के बाद कढ़ाई में डालने से आसानी हो जाती है।

—  साबूदाना डालने के बाद बहुत धीमी आंच पर पकायें। बहुत अधिक समय तक ना पकायें।

—  साबूदाना ट्रांसपेरेंट दिखाई देने का मतलब खिचड़ी तैयार है।

—  यहाँ व्रत के लिए साबूदाने की खिचड़ी बनाने का तरीका बताया गया है। बिना व्रत के लिए खिचड़ी बनाने के लिए इसमें सेंधा नमक के स्थान पर सादा नमक और काली मिर्च के स्थान पर लाल मिर्च का उपयोग किया जा सकता है।

इन्हे भी जानें और लाभ उठायें :

फलाहारी कढ़ी राजगिरे के आटे की /  कुटटू के आटे की पूड़ी / आलू का चिल्ला / सिंघाड़े के आटे का हलवा / साबूदाना और आलू की सेव ( मूरके ) / आलू की चिप्स / बादाम का हलवा / ठंडाई / बादाम पिस्ते वाला दूध / गुझिया / मूंग की दाल का हलवा

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