कुटटू के आटे की पूड़ी व्रत में खाने के लिए – Kuttu ke aate ki pudi

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कुटटू के आटे की पूड़ी व्रत में फलाहार या सागार के लिए बनाई जाती हैं। कूटू का आटा बाजार में आसानी से मिल जाता हैं। अंग्रेजी में इसे Buckwheet flour कहते हैं। यह अनाज नहीं होता है , इसलिए व्रत में इसे खाया जा सकता है।

कुटटू के पोषक तत्व – Kuttu ke fayde

कुटटू में उच्च गुणवत्ता के प्रोटीन होते हैं जो गेहूं या चावल में नहीं होते। यह विटामिन बी कॉम्लेक्स तथा फाइबर से भरपूर होता है। इसके अलावा कुटटू में फास्फोरस , मैग्नीशियम , पोटेशियम , जिंक और मैगनीज जैसे लाभदायक खनिज होते है। इसमें ग्लूटेन नहीं होता अतः ग्लूटेन से एलर्जी वाले लोग इसका उपयोग कर सकते हैं।

कुट्टू के आटे की पूरी

कुटटू का आटा अन्य आटे से थोड़ा मोटा होता हैं व इसमें लचीलापन कम होता हैं। इसमें उबले आलू मिलाकर इस आटे की पूरियां बनाई जाती हैं। व्रत में भूख सहन नहीं होने पर कुटटु के आटे की पूरी खाने से संतुष्टि और पोषक तत्व दोनों मिल सकते हैं। कुटु के आटे की पूरी बनाने का तरीका  Kuttu Aata Poori banane ka tarika इस प्रकार है –

कुटू पूरी बनाने की सामग्री

Kuttu Atta Pudi ingrediant

कुटू का आटा                                                    1  कप

आलू                                                          2  मीडियम

सेंधा नमक                                                  1/2 चम्मच

काली मिर्च                                                  1/4 चम्मच

पानी                                                         2 बड़े चम्मच

तेल / घी                                                   तलने के लिए

कुटू आटा पूड़ी बनाने की विधि

Kuttu aata poori recipe

—  आलू उबालकर छील लें , फिर कद्दू कस करें।

—  कुटटू आटा गूंथने के लिए पानी गुनगुना कर लें।

—  कूटू का आटा छान ले।

—  इसमें कद्दू कस किये हुए आलू , सेंधा नमक , पिसी हुई काली मिर्च व दो चम्मच तेल या घी का मोयन डालकर मिला लें।

—  जरूरत के अनुसार थोड़ा थोड़ा गुनगुना पानी डालकर आटा लगाए। इसे थोड़ा टाइट लगाना चाहिए।

—  गूँथे हुए आटे को पंद्रह मिनिट के लिए ढ़क कर रख दें ।

—  पन्द्रह मिनिट बाद हाथ में थोड़ा तेल लगाकर आटे को मठार लें।

—  आटे की लोई लेकर थोड़ा पलोथन लगाकर हल्के हाथ से पूड़ी बेल लें।

—  कढ़ाई में तेल / घी गर्म करके इसमें पूरी को गोल्डन ब्राउन होने तक तल लें।

—  इसे निकाल कर टिस्सू पेपर पर रख लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाये ।

—  कुटु के आटे की सागारी पूरियाँ तैयार हैं।

—  सागारी सब्जी व रायते के साथ इनका आनंद उठायें।

कुटु के आटे की पूरी बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें

—  कुट्टू का आटा मोटा होता हैं और इसमें लचीलापन कम होता है अतः पुरिया आसानी से बेलने में नहीं आती हैं। इसीलिए इसमें उबले आलू  जरूर मिला लेने चाहिए।

—  उबले आलू ना मिलाना चाहें तो , उबली हुई अरबी या पका हुआ केला भी मिला सकते हैं । इन्हे कद्दूकस करके या अच्छी तरह मेश करके मिलाना चाहिए अन्यथा पूरी तलते समय फट सकती हैं।

—  कुट्टू पुरी के लिए आटा बहुत ज्यादा नरम या बहुत ज्यादा सख्त नहीं होना चाहिए।

—  तलने के लिए तेल अथवा घी का उपयोग किया जा सकता है।

—  खाना बनाने के लिए कौनसा तेल अच्छा होता है जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 

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