दिवाली की सफाई कैसे करें – Diwali Cleaning Tips

दिवाली की सफाई  Diwali ki safai  सभी लोग करते है।  दिवाली सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है। इस दिन माँ लक्ष्मी का पूजन किया जाता

है ताकि माँ लक्ष्मी का आगमन हो और सुख समृद्धि बढ़े। कहते है लक्ष्मी वहीं आती है जहाँ साफ सफाई उचित रूप से की गई हो। अतः सभी

की कोशिश रहती है कि घर का हर कोना साफ हो जाये। फर्श , दीवारें , अलमारियां , फर्नीचर , रसोई घर आदि सभी जगह की सफाई की

जाती है। इसी बहाने से साल में कम से कम एक बार घर के हर कोने की सफाई भी हो जाती है।

 

घर की सफाई आसान काम नहीं है। विशेष कर दिवाली की सफाई क्योकि जहाँ साल भर सफाई नहीं होती इस समय वह स्थान भी साफ किया

जाता है। आमतौर पर महिलाओं पर यह जिम्मेदारी आ जाती है और महिलायें इस काम को बखूबी करती भी है लेकिन इस प्रक्रिया में उन्हें

बहुत परेशान होना पड़ता है। कई बार तो दीपावली के दिन तक महिलाएं सफाई में ही लगी रह जाती हैं। खुद के शरीर का ध्यान नहीं रख

पाती । थक कर चूर हो जाती है। कभी कभी थकान के कारण से बीमार भी हो जाती हैं। ऐसे में त्यौहार को एन्जॉय नहीं कर पाते।

 

साफ सफाई करने के लिए कई प्रकार के सामान की जरुरत होती है। इसके लिए बाजार में बहुत से प्रोडक्ट भी उपलब्ध होते हैं।

सफाई करने का सही तरीका और सफाई के लिए क्या काम में लें  , इसकी जानकारी होने पर यह काम आसान हो सकता है।

यहाँ जानिये दिवाली की सफाई करने का तरीका जिससे पूरा घर साफ भी हो जाये , आप त्यौहार भी एन्जॉय कर सकें और माँ लक्ष्मी का

उपकार बना रहे।

 

दिवाली की सफाई एक लम्बा व शरीर को थका देने वाला काम होता हैं लेकिन यह जरूरी भी होता है। कुछ लोग सोचते है की दिवाली

पर सफाई करने की क्या जरुरत है। आइये जानते हैं दिवाली की सफाई के कारण –

 

दिवाली की सफाई क्यों जरूरी होती हैं।

 

दिवाली की सफाई का उद्देश्य परम्परा का निर्वहन या माँ लक्ष्मी का आगमन ही नहीं होता है। यह सफाई का काम  हमारे शरीर को कई प्रकार

की बीमारी और एलर्जी से बचाने का भी उपाय है। यदि हम बीमार नहीं होंगे तो अतिरिक्त फालतू पैसे खर्च नहीं होंगे। यह  भी एक तरह से  माँ

लक्ष्मी की कृपा ही होती है। इसके अलावा दिवाली की सफाई क्यों जरुरी हैं इसके कारण इस प्रकार हैं –

 

—  बरसात के मौसम में घर में बहुत सी जगह पर सीलन आ जाती है जिसके कारण जगह जगह फंगस लग जाती हैं। इसकी सफाई होनी

चाहिए अन्यथा यह परेशानी का कारण बन सकती है।

कृपया ध्यान दे : किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लीक करके उसके बारे में विस्तार से जान सकते हैं। 

 

—  बारिश में नमी के कारण बिस्तर , मेट्रेस , रजाई , कुशन , तकिये आदि नमी सोख लेते हैं जिसके कारण उनमे डस्ट माइट तथा अन्य कई

प्रकार के कीटाणु पैदा हो सकते हैं। इनके कारण कई प्रकार बीमारी या एलर्जी आदि होने की संभावना बढ़ जाती है। इनकी साफ सफाई करने

और धूप आदि लगाने से इस तरह की परेशानी से बचाव होता है।

 

—  बरसात की नमी से अनाज , दाले , सूजी आदि में इल्ली व कीड़े पैदा हो सकते हैं । रसोई के खाने या ड्रॉअर आदि में ऐसा सामान गिरा हो तो

उसमे ढेरों कीड़े पैदा हो सकते हैं। इसलिए ड्रॉअर की सफाई करना जरुरी हो जाता है। इससे घर में कॉकरोच आदि भी पैदा नहीं होते।

 

—  बारिश के बाद मकड़ी के जाले अधिक संख्या में बने नजर आते है। दिवाली से पहले इन्हे साफ ना किया जाये तो मकड़ियां इतनी हो जाती हैं

की संभालना मुश्किल हो जाता है। अतः इस समय जाले साफ करना ठीक रहता है।

 

—  बेड , अलमारी , सोफे आदि भारी फर्नीचर के नीचे रोजाना सफाई नहीं हो पाती। वहां की सफाई दीवाली पर की जा सकती है।

 

—  बहुत समय से कोई सामान मिल नहीं रहा हो तो दीपावली पर की जाने वाली सफाई में अक्सर वह मिल जाता है।

 

— दीवाली पर घर सजाने के लिए नए सामान , कपड़े , इलेक्ट्रॉनिक आइटम आदि ख़रीदे जाते हैं। नया सामान सजाने के लिए पुराने सामान को

घर से निकाला जाना जरुरी होता है। वर्ना इतना सामान इकठ्ठा होता चला जाता है कि संभालना मुश्किल हो जाता है। यह भी दिवाली की सफाई

का एक हिस्सा होता है।

 

घर में पुराने सामान को निकालने व साफ सफाई करने से घर में पॉजिटिव एनर्जी बढ़ जाती है नई उमंग व उत्साह का संचार होता है।

 

दिवाली की सफाई का तरीका

 

सफाई के लिए बहुत सारे से सामान की जरुरत नहीं होती है घर में ही ये सब सामान मौजूद होते ही है। अगर नहीं हैं तो बाजार से ले आएं।

जिन सामान्य चीजों की जरुरत होती है वे इस प्रकार हैं –

 

सफाई में काम आने वाले सामान

दिवाली की सफाई

—  झाड़ू

—  सूपड़ी

—  पुराने सूती कपड़े सफाई के लिए

—  झावा या ब्रश आदि घिसने के लिए

—  जाले साफ करने का लम्बा डंडा

—  लिक्विड डिटर्जेंट

—  सोडा

—  सिरका

—  नमक

—  छोटी प्लास्टिक की बाल्टी

—  मग्गा

—  छोटा और बड़ा स्क्रेपर

—  ग्लास वाइपर

—  दस्ताने

—  स्प्रे बोतल

 

सफाई करने के लिए थोड़ी प्लानिंग करके चलने से सफाई का काम आसान हो जाता है। सफाई करते समय पंखे , ट्यूब लाइट , बल्ब , पर्दे ,

दीवार घड़ी , लेम्प , शो पीस , रोशनदान आदि सभी कुछ साफ करना होता है। कुछ जगह सूखे कपड़े की सफाई से काम चल जाता है तो कुछ

जगह गीले कपड़े से और कहीं कहीं केमिकल काम में लेना पड़ता है।

 

नमक , सोडा आदि घरेलु सामान भी सफाई में काम आ सकते हैं। यदि आपके पास वेक्यूम क्लीनर हो तो उसे काम ले सकते हैं। पर्दों में भी

डस्ट आदि जमा हो जाती है। पर्दे की सफाई के लिए उन्हें उतार कर ड्राईक्लीन या धुलाई करवा लेने से कमरे में नयापन आ जाता है।

 

सफाई की शुरुआत अंदरूनी सफाई से करनी चाहिए यानि अलमारियां आदि के सामान बाहर निकाल कर सूखे और गीले कपड़े से पोंछ दें।

जो सामान काम में नहीं आते सिर्फ जगह घेरते हैं उन्हें अलग सूटकेस में जमा दें। फिर बाकि सामान वापस अलमारी में जमा दें। यदि हो सके

तो रोजाना काम आने वाले कपड़े अलग खाने में और पार्टी वेयर कपड़े अलग खाने में रखें। । मेडिकल बॉक्स में दवा आदि चेक कर लें।

एक्सायर दवा फेंक दें। जरुरत की दवा नई लाकर रखें। इस प्रकार सभी अलमारियां देखकर जमा लें।

 

—  अलमारी साफ होने के बाद पंखे , लाइटें , शो पीस , दीवार घड़ी आदि साफ कर लें।

 

—  कोनों में जाले हों तो उन्हें साफ कर दें।

 

—  रोशनदान आदि झाड़ लें।

 

—  फर्नीचर थोड़ा खिसका कर पहले झाड़ू या सूखे कपड़े से साफ कर लें फिर गीले कपडे से साफ करके एक बार वापस साफ सूखे

कपडे से पोंछ दें। यदि हो सके तो फर्श को पानी और डिटर्जेंट आदि से धो लें। फर्श की सफाई में सोडा भी काम लिया जा सकता है। सोडा

कैसे काम आ सकता है जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

 

—  तस्वीरें या वाल पीस लगा रखे हों तो उन्हें सावधानी पूर्वक निकाल कर इनके पीछे सफाई करें। यहाँ ज्यादा धुल मिट्टी जमा हो जाती है।

इनकी सफाई सूखे और गीले कपड़े से करके इन्हे वापस यथास्थान लगा दें।

 

—  कूलर या डक्ट लगा रखा हो तो उसका पानी खाली कर दें और सफाई करके उसे पैक कर दें। यह अगली गर्मी में ही काम आएगा। पानी

रह जायेगा तो मच्छर ही पैदा होंगे और बीमारियाँ फैलाएंगे।

 

—  बाथरूम आदि के वेंटिलेशन में मिट्टी जमी हो तो उसे साफ कर लें। टाइलों के बीच चिकनाई जमा हो जाती है उसे साफ कर चाहिए।

बाथरूम की टाईल साफ करने के आसान घरेलु उपाय जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

 

—  नलों पर समय के साथ साल्ट जमा हो जाता है जो गन्दा दिखाई देता है। इसे साफ कर लें। सिरका यहाँ काम आता है। सिरका घरेलु उपयोग

में कितने काम आ सकता है जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

 

—  दीवारों पर भी कपडा या झाड़ू फेर लें। यदि पेंट धोने लायक हो तो दीवारें धोई जा सकती हैं।

 

—  बिजली के स्विच वाली प्लेट को पॉलीथिन या क्लिंग फिल्म लगा कर ढक दें ताकि उसमे पानी ना जाये। हो सके तो सुरक्षा के हिसाब से इस

समय में बिजली का मेन स्विच बंद कर लेना चाहिए ताकि करंट लगने की संभावना ख़तम हो जाये। बिजली का बिल काम करने के उपाय

जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

 

—  सोफे या कुर्सी के कवर आदि धुलवाये  या ड्राई क्लीन करावाये जा सकते हैं।

 

—  कालीन झाड़ लें या वेक्यूम क्लीनर से अच्छे से साफ कर लें। कालीन में बहुत डस्ट जमा हो जाती है। यदि सिंथेटिक कालीन हो तो इसे पानी

से धोया भी जा सकता है।

 

—  सिंक , बेसिन , बाथरूम आदि की नालियों में सोडा और नमक डालकर उनकी सफाई की जा सकती है इससे बदबू भी मिटती है।

 

—  रजाइयां , ओढ़ने की चद्दर , बेड शीट आदि धूप में रखकर नमी से मुक्त कर लेने चाहिए। हो सके तो इसी समय ऊनी कपड़े , ब्लेंकेट

कम्बल आदि धूप में रखने चाहिए। इस समय धूप बहुत अच्छी होती है। यह आसोज के तावड़े यानि आसोज महीने की धूप कहलाती है जो बहुत

तेज होती है। यह धूप कीटाणुओं को समाप्त कर देती है।

 

इस प्रकार सभी जगह साफ करें और दिवाली के त्यौहार का आनंद लें।

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माँ लक्ष्मी आपकी सभी मनोकामना पूरी करें।

 

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