मीठे गुने बनाने की विधि गणगौर पर – Mithe Gune For Gangaur

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मीठे गुने Mithe Gune गणगौर की पूजा में भोग लगाने के लिए बनाये जाने वाले व्यंजन में से एक है। मीठे गुने दो विधियों से बनाये जा सकते है। एक चाशनी चढ़ाकर और दूसरे बिना चाशनी वाले। दोनों विधियाँ यहाँ बताई गई है।

गणगौर की पूजा में सोलह या आठ गुणे Gune चढ़ाये जाते है। कुँवारी लड़की सोलह गुणा और विवाहित महिला आठ गुणा चढ़ाती हैं। कुछ जगह कुआँरी लड़की आठ और विवाहित महिला सोलह गुणे चढ़ाती है। जैसी परंपरा हो वैसा कर सकते हैं।

मीठे गुने

मीठे गुने बनाने की सामग्री – Mithe Gune ki Samagri

मैदा                                          2  कप

घी                                        1 /4  कप

घी/तेल                                तलने के लिए

चीनी                                         1  कप

दूध                                        2  चम्मच

पानी                           आवश्यकता अनुसार

मीठे गुने बनाने की विधि – Mithe Gune ki recipe

—  मैदा को एक बर्तन में छान लें।

—  इसमें  घी का मोयन डालकर हाथ से अच्छी तरह मिला दें।

—  अब मैदे में थोड़ा थोड़ा पानी डालकर टाईट आटा गूँथ लें। आटा गूंथने में लगभग आधा कटोरी पानी लग जाता हैं।

—  गुंथा हुआ यह आटा कपड़े से ढ़ककर आधा घण्टा के लिए रख दें।

—  आधा घण्टे बाद आटे को हाथ से थोड़ा गूँथ लें व आटे से दो लोई बना लें।

—  एक लोई को बेलन से बेल कर मोटी रोटी बनायें।

—  इस बेली हुई रोटी पर कटर या चाकू की मदद से कट लगाकर एक – एक इंच चौड़ी पट्टियाँ काट लें।

—  एक पट्टी को उठाकर उसे अंगुली के चारों और लपेटते हुए रिंग बना लें।

—  जॉइंट को पर दबा कर  चिपका दें। नहीं चिपके तो हल्का सा पानी लगाकर चिपका लें।

—  इस प्रकार आटे की सभी पट्टियों से  अलग अलग  गोल रिंग बना कर रख लें। यह कच्चे गुने तैयार हैं , इन्हें तलना है।

—  कढाई में घी या तेल गर्म करें।

—  ध्यान से गुणो को तलने के लिए डालें।

—   मध्यम आंच पर सुनहरे होने तक तलकर प्लेट में निकाल कर अलग रख लें।

—  एक बर्तन में चाशनी बनाने के लिए 1 /2 कप पानी और 1 कप  शक्कर मिलाकर उबलने के लिए रखें।

—  चाशनी में दो चम्मच दूध डाल दें। ऊपर आई गन्दगी को चम्मच से  निकाल कर फेंक दें।

—  दो तार की चाशनी बनने तक उबलने दें।

—  चाशनी तैयार होने पर इसमें गुणे डालकर निकाल लें। चाशनी गुणो पर चारों तरफ लग जाये लेकिन गुने टूटने नहीं चाहिये।

—  ठंडा होने दे। मीठे गुणे चाशनी वाले तैयार हैं।

—  ठंडा होने पर डिब्बे में भरकर रखें।

मीठे गुणे के टिप्स – Tips

—  गुणे अपनी पसंद से घी या तेल में तल सकते हैं।

—  गुणो के जॉइंट अच्छी तरह दबाकर बन्द करें ताकि तलते समय खुले नहीं।

—  कच्चे गुणे ज्यादा समय तक ना रखें अन्यथा ज्यादा सूखे होने पर जॉइंट खुल सकते हैं।

—  गुने धीमी से मध्यम आंच पर ही तलने चाहिए।

—  चाशनी बनाते समय यदि ज्यादा गाढ़ी हो जाये तो चाशनी में थोड़ी मात्रा में पानी डालकर वापस पकाकर सही कर लें।

—  ये गुने  15 – 20  दिन तक ख़राब नहीं होते हैं।

मीठे गुने बिना चाशनी वाले

Mithe Gune Bina Chashni Wale

मीठे गुने बिना चाशनी के भी बनाये जा सकते हैं। मीठे गुने बिना चाशनी वाले बनाने की रेसिपी इस प्रकार है :

सामग्री – Ingredients

मैदा                                           2  कप

चीनी                                         1   कप

घी                                          5  चम्मच

पानी                                       3 /4 कप

तेल                                     तलने के लिए

 विधि – Recipe

—  मैदे को एक बर्तन में छान लें।

—  इसमें गुनगुना घी डालकर हाथ से मिक्स कर दें ।

—  एक बर्तन में पानी व चीनी लेकर घोल लें।

—  मैदे में चीनी का घोल डालकर कर सख्त आटा गूँथ लें। इसे कपड़े से ढककर आधा घण्टा रख दें।

—  आधा घंटे बाद आटे को हाथ से अच्छी तरह मसलकर मठार लें।

—  इस आटे से  1/4 सेंटीमीटर मोटी रोटी बेल लें व इस रोटी से आधा इंच चौड़ी पट्टियां काट लें।

—  अब एक पट्टी लेकर इसे अंगुली के चारो और घुमाते हुए रिंग बना लें।  एक्स्ट्रा बचा हुआ आटा तोड़ दें।

मीठे गुने

—  जॉइंट को दबाकर चिपका दें। इसी तरह सारे गुने बना लें।

—  अब एक कढ़ाई में तेल गर्म करें।

—  तेल गर्म होने के बाद धींमी आंच पर ध्यान से गुने कढ़ाई में डालकर तल लें ।

—  थोड़े पकने के बाद हल्के हाथ से गुणो को हिलाकर बादामी रंग के होने तक पका लें।

—  मीठे गुने तैयार है।

—  ठंडे होने पर डिब्बे में भर कर रख लें।

—  यदि चाहें तो मैदा की जगह आटा भी लिया जा सकता है।

—  शक्कर की जगह गुड़ लिया जा सकता है।

इन्हें भी जानें और लाभ उठायें :

गणगौर की पूजा सोलह दिन / नमकीन गुणे बनाने की विधि / फल गणगौर पूजा के लिए /  गणगौर के गीत / गणगौर का उद्यापन / केर सांगरी की सब्जी / साबूदाना खिचड़ी / आलू का चिल्ला / सिंघाड़े के आटे का हलवा / बादाम का हलवा / ठंडाई /

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