टॉयलेट साफ कैसे करें इंडियन या वेस्टर्न – Toilet Cleaning

टॉयलेट साफ करना Toilet Cleaning  थोड़ा गन्दा लगता है लेकिन यह बहुत जरुरी है। यह अच्छा है की टॉइलेट साफ करना बहुत मुश्किल

काम नहीं है। लेकिन सही तरीके टॉयलेट साफ नहीं किया जाये तो बैक्टीरिया और वाइरस पैदा होकर परेशानी बढ़ा सकते हैं। सही तरीके से

टॉयलेट साफ करने से समय भी बचता है और थकान भी नहीं होती ।

 

हमारे यहाँ कुछ घरों में इंडियन कमोड Indian style commode होते हैं और कहीं वेस्टर्न कमोड Western style commode लगे

होते है। इन्हे थोड़े अलग तरीके से साफ किया जाता है। इंडियन स्टाइल और वेस्टर्न स्टाइल कमोड में कुछ अंतर होते है जो इस प्रकार हैं –

टॉयलेट

वेस्टर्न कमोड में सीट और ढ़क्कन भी होते हैं। उनकी सफाई भी जरुरी होती है। इंडियन स्टाइल के कमोड में ढ़क्कन या सीट नहीं होते।

वेस्टर्न कमोड में पानी की धार छोड़ने वाला जेट लगाया जा सकता है अन्यथा हैंड शॉवर लगाया जाता है। इंडियन स्टाइल में बाल्टी और मग्गा

काम आते हैं।

टॉयलेट

टॉयलेट साफ करने के लिए सामान

 

—  टॉयलेट ब्रश

—  टोइलेट क्लीनर

—  कपड़ा या पेपर नेपकिन

—  ग्लव्स

—  मग्गा , बाल्टी

—  पानी

 

इंडियन टॉयलेट साफ करने का तरीका

Indian Toilet Cleaning

 

—  टॉयलेट में कमोड के आस पास कुछ रखा हो तो उसे वहां से हटा दें।

 

—  कमोड के चारों तरफ तथा पैर रखे जाने वाली जगह पर हार्पिक या अन्य टॉयलेट क्लीनर डाल दें और इसे ब्रश से फैला दें। अब कमोड

के अंदर सबसे ऊपर की तरफ लाइन बनाते हुए क्लीनर डालें ताकि क्लीनर रिसते हुए पूरे कमोड में फ़ैल जाये और अंत वाले गड्डे तक चला

जाये। थोड़ा क्लीनर गड्डे के चारों और लाइन बनाते हुए डाल दें।

 

—  इसे 10 -15 मिनट ऐसे छोड़ दें।

 

—  अब ब्रश से पहले कमोड से बाहर की तरफ घिस दें। जिद्दी दाग हो तो उन पर थोड़ा क्लीनर डाल कर घिसें। कमोड के अंदर और कमोड

के बाहर घिसने के लिए अलग ब्रश काम में लेना ठीक रहता है ताकि गड्ढ़े के अंदर की गन्दगी कमोड से बाहर नहीं आये।

 

—  अब कमोड के अंदर ऊपरी हिस्से को घिसते हुए नीचे की तरफ और अंत में गड्डे के अंदर अच्छे से ब्रश से घिस दें। गड्डे में ब्रश इस तरह

चलायें की गड्डा जितना संभव हो आगे तक साफ हो जाये। इसके लिए आगे से मुड़ा हुआ अलग तरह का ब्रश बाजार में मिलता है। इसमें भी दो

तीन तरह के ब्रश उपलब्ध है। आप अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार ले सकते हैं। स्टैंड वाले ब्रश भी आते हैं इससे भी सुविधा बढ़ जाती है।

 

— अब पानी डालकर थोड़ा ब्रश चलाते हुआ कमोड के बाहर धो लें यह सारा पानी कमोड में चला जायेगा फिर कमोड के अंदर दूसरा ब्रश

चलाते हुए पानी डालकर धो लें। पानी इतना डालें की टॉयलेट पूरा साफ हो जाये और साथ ही ब्रश भी साफ हो जाये।

 

—  इस प्रकार पूरा टॉयलेट साफ हो जायेगा।

 

टॉयलेट साफ कितने दिन में करना चाहिए

Toilet kab saf kare

 

—  इंडियन टॉयलेट Indian Toilet  में पेशाब करने पर कितना भी ध्यान रखें पेशाब कमोड से बाहर फैलता ही है। लेकिन इस वजह से काले

छोटे धब्बे तो नहीं बनते पर पेशाब बाहर फैलने के कारण जल्द ही बदबू आने लगती है। फ्लश करने से अंदर कमोड की सफाई तो हो जाती

है लेकिन बाहर की तरह फैला हुआ पेशाब बदबू मारता है। इसलिए दिन में एक बार सादा पानी डाल कर थोड़ा स्क्रेपर या ब्रश फिरा कर साफ

कर देना चाहिए।

 

—  क्लीनर डाल कर सप्ताह में दो बार सफाई की जा सकती है या जब भी टॉयलेट गन्दा लगे तब कर सकते हैं।

 

—  टॉयलेट सही तरीके से काम में लेने पर और पर्याप्त मात्रा में पानी प्रेशर से डालने पर टॉयलेट साफ करने की अवधि बढ़ाई भी जा सकती

है। इसके लिए घर के सभी सदस्य को टॉयलेट ध्यान पूर्वक इस्तेमाल करना चाहिए।

 

वेस्टर्न टॉयलेट साफ करने का तरीका

Western Toilet Cleaning

 

—  कमोड के आस पास कुछ रखा हो तो उसे हटा लें।

—  फ्लश चला दें। क्लीनर लगा दें। रिम के पास ऊपर से तथा अंदर गड्डे के चारों तरफ लाइन बना कर क्लीनर डालकर छोड़ दें।

—  ढक्कन और सीट के अंदर और बाहर दोनों तरफ क्लीनर लगा दें।

—  ढक्कन और सीट पर अंदर की तरफ कुछ धब्बे हो सकते हैं , उन्हें क्लीनर लगा कर थोड़ा घिस दें।

—  ढ़क्कन और सीट के Hinges ( कब्जे ) के आस पास क्लीनर लगा कर घिसें।

—  10 -15 मिनट बाद पानी से धो दें साथ में ब्रश भी चला दें ताकि ब्रश भी साफ हो जाये। हो सके तो कमोड के अंदर  और बाहर के लिए अलग

अलग ब्रश काम में लें।

—  बाहर की तरफ से ढक्कन , टैंक और कमोड को सूखे कपड़े से पोंछ दें।

—  इसके बाद आस पास के फर्श की धोकर सफाई कर दें।

 

वेस्टर्न कमोड सम्बन्धी ध्यान रखने योग्य बातें

 

—  यदि पेशाब करने के लिए कमोड का इस्तेमाल कर रहे है तो ढ़क्कन और सीट दोनों को ऊपर कर देना चाहिए। कुछ लोग सिर्फ ढक्कन

ऊपर करते है सीट को नहीं।

—  काम लेने के बाद कमोड में फ्लश जरूर चला देना चाहिए।

—  कमोड में प्लास्टिक या रबर की कोई चीज नहीं डालनी चाहिए।

 

टॉयलेट साफ करते समय सावधानी

 

—  क्लीनर या पानी से बचने के लिए हाथ में ग्लॉव्स पहन लेने चाहिए।

—  टॉयलेट साफ करने के लिए स्पॉन्ज का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि स्पॉन्ज में बैक्टीरिया अधिक पनपते हैं।

—  वेस्टर्न टॉयलेट का ढक्कन लगा कर फ्लश करने से पानी बाहर नहीं उछलता।

—  पोंछने के लिए पेपर टॉवल का उपयोग किया जा सकता है ताकि उन्हें फेंक सकें।

—  टॉयलेट की दीवारें गन्दी हों तो उन्हें भी साफ कर लेना चाहिए।

—  सप्ताह में एक बार टॉयलेट के अंदर और बाहर बेकिंग सोडा ( खाने का सोडा ) छिड़क दें। इसके बाद सिरका और पानी बराबर मात्रा में

मिलाकर इसे डालकर ब्रश से घिस दें। फिर धो दें। इससे बदबू भी दूर होगी और सफाई भी अच्छे से होगी।

—  अधिक गन्दगी हो जाये तो थोड़ा ब्लीचिंग पाउडर छिड़क दें। थोड़ी देर बाद ब्रश से घिस कर धो दें। परन्तु ध्यान रखें यह पाउडर नल पर न

लगे। उसकी पोलिश ख़राब हो सकती है।

—  हाइड्रोजन पराक्साइड का स्प्रे करके पोंछने से भी सफाई अच्छे से हो जाती है और बदबू भी दूर होती है।

—  बच्चे सही तरीके से फ्लश नहीं कर पाते अतः उनके बाहर निकलने के बाद चेक कर लेना चाहिए की फ्लश अच्छे से हुआ या नहीं। उन्हें

सही तरीका सिखा देना चाहिए।

—  दिन में एक बार बाल्टी भर के पानी प्रेशर के साथ डाल देने से आगे तक पाइप साफ हो जाता है और टॉयलेट ब्लॉक होने की समस्या से

बचाव हो सकता है।

 

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